कन्नौज, जून 25 -- छिबरामऊ। सौरिख कस्बे में मोहर्रम की आठवीं तारीख को रात्रि में काले अलम का जुलूस निसार हुसैन के घर से मोहल्ला ऊंचा दोनों इमामबाड़ों पर नौहा मातम करते हुए मोहल्ला गढ़ी से होता हुआ थाने के पास पाल तिराहा से बापस सदर बाजार होता हुआ मोहल्ला ऊंचा दोनों इमामबाड़ों पर पहुंचकर समाप्त हुआ। न्याय एवं अधिकार समिति के जिलाध्यक्ष अली अब्बास नकवी ने बताया कि काले अलम का जूलूस इमाम हुसैन के भाई हजरत अब्बास की याद में निकाला जाता है। जुल्म करना और ज़ुल्म सहना दोनों गलत हैं। यही पैग़ाम इमाम हुसैन ने अपने इकहत्तर साथियों को दिया था। जुल्म के ख़िलाफ़ जितनी देर से आवाज उठाओगे उतनी ही ज्यादा कुरबानी देने पड़ेंगी। यह भी पढ़ें- इमाम हुसैन की शहादत की याद में निकला मातमी जुलूस इमाम हुसैन के इस कथन से सारी दुनिया को आतंकवाद से लडऩे के लिए सारी मा...