अंबेडकर नगर, मई 3 -- दुलहूपुर, संवाददाता। हंसी जीवन का सबसे बड़ा खजाना है और इस खजाने को शब्दों में पिरोने का हुनर हर किसी के पास नहीं होता। हास्य-व्यंग्य के जरिए समाज की कड़वी सच्चाइयों को सहज अंदाज में सामने रखने वाले शायरों में तहसील जलालपुर के भियांव गांव निवासी महशर फैजाबादी का नाम बड़े सम्मान से लिया जाता है। वाह वाह क्या बात है जैसे टीवी के कई चर्चित कार्यक्रमों और देशभर के मुशायरों में अपनी हास्य कविताओं से श्रोताओं को लोटपोट करने वाले महशर फैजाबादी ने अपनी अलग पहचान बनाई है। विश्व हास्य दिवस की पूर्व संध्या पर 'हिंदुस्तान' से खास बातचीत में महशर फैजाबादी ने कहा कि हास्य शायरी केवल हंसाने का माध्यम नहीं, बल्कि समाज की विसंगतियों पर तीखा प्रहार भी है। उनके अनुसार, मुस्कान के बहाने सच्चाई कहना ही असली व्यंग्य है, जो सीधे दिल और दिमाग त...
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