बलिया, अप्रैल 16 -- बलिया, वरिष्ठ संवाददाता। सड़क पर मजदूरी के लिए ठेकेदार से लड़ते एक युवक की पीड़ा से शुरू हुआ नाटक 50 मिनट के अपने सफर में हंसते-हंसाते हुए गंभीर बात कर गया। प्रस्तुति का अंतिम क्षण आया तो हॉल में बैठा शायद ही कोई दर्शक होगा, जिसकी आंखें नम न हुई हों। स्कूल और स्कूली बच्चों पर केन्द्रित नाटक 'मां मुझे टैगोर बना दे' ने बच्चों से लेकर शिक्षक और अभिभावक सबको बड़ा संदेश दिया।सामाजिक एवं सांस्कृतिक संस्था 'संकल्प' के अमृतपाली स्थित कैम्प कार्यालय पर मंगलवार की शाम को जम्मू से पधारे लकीजी गुप्त का एकल नाट्य मंचन हुआ। 'थिएटर इन एजुकेशन प्रोग्राम' के तहत इस नाटक की प्रस्तुति जिले के विभिन्न स्कूलों और कॉलेजों में होनी है। संकल्प के कार्यालय में इस नाटक की 1817वीं प्रस्तुति हुई। यह नाटक छात्र के साथ अभिभावक और शिक्षक को बहुत ही ...