फतेहपुर, जून 29 -- विजयीपुर। सड़क किनारे खड़े सूखे पेड़ हर गुजरने वाले राहगीर के लिए 'यमदूत' बन चुके हैं। खागा-किशनपुर और गाजीपुर-हिनौता मार्ग पर करीब एक सैकड़ा सूखे पेड़ मौत बनकर खड़े हैं। पूर्व में होने वाले हादसों में लोगों की जान जा चुकी है और कई घायल हो चुके हैं। इसके बावजूद इन पेड़ों को हटाने की पहल नहीं हो सकी, नतीजतन तेज हवा चलने पर राहगीरों की सांसें अटक जाती हैं। ऐसे में सवाल उठता है कि आखिर अगली मौत का इंतजार क्यों? सड़क किनारे खड़े सूखे और जर्जर पेड़ों का तेज हवा या बारिश के दौरान गिरने का खतरा कई गुना बढ़ जाता है। एक के बाद कर कई दुर्घटनाएं होने से जहां स्थानीय लोगों में भय और आक्रोश बना हुआ है। वहीं सम्बंधितों द्वारा इन्हे हटाए जाने में गंभीरता नहीं बरती जा रही। सूखे पेड़ों के कारण होने वाले हादसों में अब तक करीब आधा दर्जन राहगीर अपनी ज...