विकासनगर, सितम्बर 8 -- माया देवी विश्वविद्यालय में आयोजित दो दिवसीय सेमिनार में विशेषज्ञों ने फिजियोथैरेपी के फायदे गिनाए। विशेषज्ञों ने कहा कि बदलती जीवनशैली और बढ़ती स्वास्थ्य संबंधी चुनौतियों के बीच फिजियोथेरेपी की भूमिका महत्वपूर्ण होती जा रही है। यह केवल दर्द और चोट के उपचार तक सीमित नहीं है, बल्कि बीमारी, सर्जरी अथवा चोट के बाद मरीज को दोबारा सामान्य और सक्रिय जीवन में लौटाने में भी अहम भूमिका निभाती है। मुख्य अतिथि डॉ. निहाल अशरफ ने कहा कि फिजियोथैरेपी व्यक्ति को उसकी सामान्य शारीरिक क्षमता और सक्रिय जीवनशैली में वापस लाने का महत्वपूर्ण माध्यम है। हृदय एवं फेफड़ों से संबंधित रोगों, सर्जरी के बाद पुनर्वास, चोटों तथा विभिन्न शारीरिक समस्याओं के उपचार में कार्डियोपल्मोनरी फिजियोथैरेपी की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण है। यह भी पढ़ें- Dehradu...