अलीगढ़, दिसम्बर 10 -- अलीगढ़, वरिष्ठ संवाददाता। आयुर्वेदिक अस्पताल अब महज इलाज का केंद्र नहीं, बल्कि जीवन जीने की कला सिखाने वाले नए गुरुकुल बन चुके हैं। यहां मरीजों को दवाओं के साथ दिनचर्या, भोजन, नींद और योग के वैज्ञानिक संतुलन की शिक्षा दी जाती है। इलाज से पहले जीवनशैली पर बातचीत होती है। दर्द, तनाव, मोटापा या पाचन विकार, हर समस्या की जड़ तक पहुंचकर उन्हें दूर करने का प्रयास, बिना दवा और बिना बाधा। यही कारण है कि लोग आयुर्वेद को फिर से अपनाने लगे हैं। आयुर्वेदिक अस्पतालों का सिद्धांत साफ है, बीमारी नहीं, जीवनशैली बदलो। खानपान का सही समय, मौसमी भोजन, ध्यान, योग, सूर्य नमस्कार और आठ घंटे की संतुलित नींद, हर मरीज को पहले यही पाठ पढ़ाया जाता है। विशेषज्ञ बताते हैं कि गलत दिनचर्या ही रोगों का मूल कारण बनती है और सही दिनचर्या ही सबसे बड़ी दवा...