एटा, जनवरी 30 -- कुष्ठ रोगियों की जांच एवं उपचार के लिए अलग से क्लीनिक, अस्पताल की व्यवस्था नहीं है। स्वास्थ्य विभाग में सीएचसी, पीएचसी से लेकर मेडिकल कालेज में कुष्ठ रोगियों की पहचान के लिए सामान्य ओपीडी में चिकित्सक जांच कराकर अपना परामर्श दे हैं। हालात यह है कि जनपदभर में चिन्हित 53 कुष्ठ रोगियों को दवा देने के लिए दूर-दराज से मुख्यालय स्थित सीएमओ कार्यालय आने को विवश होना पड़ रहा है। स्वास्थ्य विभाग से संचालित कुष्ठ रोग विभाग में जिला कुष्ठ अधिकारी के रूप में एसीएमओ डा.सतीश चंद्र नागर दायित्व संभाल रहे हैं। इसके अलावा विभाग में एक लिपिक सीएमओ कार्यालय में चिन्हित किये जाने वाले मरीजों का लेखा-जोखा रखने और दवा का वितरण करने के लिए रहता है। इसके अलावा विभाग में न कोई चिकित्सक, कर्मचारी नहीं है। उसके बाद भी नियमित रूप से जनपद में कुष्ठ र...
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