स्वास्थ्य केंद्रों पर लटका ताला, कैसे काबू होगा मलेरिया-बुखार
बरेली, मई 14 -- बारिश के साथ ही मलेरिया-डेंगू जैसी बीमारियों के हमले की आशंका बढ़ गई है। स्वास्थ्य विभाग का दावा है कि मलेरिया बुखार से लड़ने के पूरे इंतजाम हैं। खासकर मलेरिया प्रभावित रहे इलाकों में युद्ध स्तर पर तैयारी की गई है लेकिन हिन्दुस्तान टीम ने जब संवेदनशील इलाकों की जमीनी हकीकत देखी तो स्वास्थ्य विभाग के दावे महज कागजों पर सिमटे नजर आए। जिले में मलेरिया बुखार का सबसे अधिक संवेदनशील इलाका है मझगवां। यह वही इलाका है जहां 7-8 साल पहले मलेरिया ने जोरदार हमला किया था और कई हजार लोग उसकी चपेट में आ गए थे। यहां के गांव बेहटा बुजुर्ग में दो लोगों की बुखार से मौत हो गई थी। हिन्दुस्तान ने अभियान की शुरूआत इसी इलाके से की। मुख्यालय से मझगवां सीएचसी के रास्ते में पहला आयुष्मान आरोग्य मंदिर और उप स्वास्थ्य केंद्र है अखा मुस्तकिल।
स्वास्थ्य क...
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