रिषिकेष, फरवरी 25 -- हिमालयन इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज में बुधवार को हेल्थकेयर रिसर्च एवं बायोस्टैटिस्टिक्स विषय पर क्षमता निर्माण कार्यशाला हुई। जिसमें स्वास्थ्य अनुसंधान को अधिक वैज्ञानिक, प्रभावी और विश्वसनीय बनाने में गहन मंथन किया गया। जौलीग्रांट स्थित हिमालयन इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (हिम्स) में कार्यशाला का शुभारंभ करते हुए एसआरएचयू के प्रति कुलपति डॉ. अशोक कुमार देवरारी ने कहा कि बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं के लिए शोध कार्य का नैतिक, पारदर्शी और साक्ष्य-आधारित होना बेहद जरूरी है। सही शोध और ठोस आंकड़ों के आधार पर ही बेहतर चिकित्सा नीतियां और उपचार की पद्धतियां विकसित की जा सकती हैं। क्लिनिकल रिसर्च विभागाध्यक्ष डॉ. निक्कू यादव ने कहा कि स्वास्थ्य शोध में बायोस्टैटिस्टिक्स (सांख्यिकीय विश्लेषण) की भूमिका बहुत महत्वपूर्ण है। यदि ...