अररिया, अप्रैल 26 -- कुर्साकांटा, निज प्रतिनिधि इंडो-नेपाल बार्डर स्थित कुर्साकांटा पीएचसी में दवा की कमी नहीं है, कमी है तो विशेषज्ञ डॉक्टर व स्वास्थ्य कर्मी की। ढाई लाख आबादी वाले कुर्साकांटा प्रखंड क्षेत्र के लोग आज भी स्वास्थ्य कर्मियों की कमी का रोना रो रहे हैं। इस पीएचसी में खांसी व बुखार सहित अन्य छोटी-मोटी बीमारियों का ही इलाज संभव है। गंभीर रोगी ही नहीं छोटी मोटी दुर्घटना होने पर घायलों को अररिया, पूर्णियां सहित अन्य हायर सेंटर रेफर कर दिया जाता है। यही नहीं स्नैक बाइट मरीज को अररिया भेज दिया जाता है। हालांकि पीएचसी में पहले के अपेक्षा काफी सुविधाएं बढ़ी है। यह भी पढ़ें- परेशनी : गोनावां अस्पताल खुद 'बीमार', कैसे हो लोगों का इलाज लेकिन यहां सबसे बड़ी समस्या विशेषज्ञ चिकित्सकों व स्वास्थ्य कर्मियों की कमी का है। जनसंख्या के अनुपात म...