कन्नौज, मई 28 -- छिबरामऊ। मोहल्ला तिवारियान स्थित एक निजी गेस्ट हाउस में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा का गुरुवार को भावपूर्ण समापन हो गया। कथा के अंतिम दिन आचार्य पंडित हरिशंकर शुक्ला ने सुदामा चरित्र का मार्मिक वर्णन करते हुए सच्ची मित्रता, सेवा और समर्पण का संदेश दिया। कथा सुनते समय कई श्रद्धालुओं की आंखें नम हो गईं। आचार्य हरिशंकर शुक्ला ने कहा कि सुदामा चरित्र हमें जीवन की कठिन परिस्थितियों में धैर्य और विश्वास बनाए रखने की प्रेरणा देता है। भगवान श्रीकृष्ण और सुदामा की मित्रता यह दर्शाती है कि सच्चे रिश्ते धन-दौलत से नहीं, बल्कि निस्वार्थ प्रेम और समर्पण से मजबूत होते हैं। उन्होंने कहा कि सच्चा मित्र वही होता है, जो हर परिस्थिति में साथ निभाए, गलत रास्ते पर जाने से रोके और सही दिशा दिखाए।उन्होंने यह भी पढ़ें- सुदामा चरित्र की कथा सुन भाव व...