नई दिल्ली, जनवरी 12 -- नई दिल्ली, प्रमुख संवाददाता। भारतीय शास्त्रीय संगीत और नृत्य की परंपरा को समर्पित 27वां स्वामी हरिदास तानसेन संगीत-नृत्य महोत्सव रविवार को संपन्न हो गया। तीन दिनों तक चले इस आयोजन में देश के शीर्ष कलाकारों ने शास्त्रीय कला की समृद्ध विरासत को जीवंत किया। समापन संध्या में पद्म भूषण डॉ. उमा शर्मा और उनके शिष्यों की कथक प्रस्तुति विशेष आकर्षण रही। 'मैया मोरी मैं नहीं माखन खायो' पर आधारित भाव-अभिनय ने दर्शकों को भावविभोर कर दिया।

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