पटना, फरवरी 15 -- कृषि मंत्री रामकृपाल यादव ने कहा कि स्वामी सहजानंद सरस्वती के सिद्धांत आज के दौर में अधिक प्रासंगिक हैं। जब किसान, खेतिहर मजदूर और ग्रामीण समाज आर्थिक व सामाजिक दबावों से जूझ रहा है। कहा कि सहजानंद जी ने किसानों को केवल अधिकारों की बात नहीं सिखाई, बल्कि आत्मसम्मान और संगठन की ताकत से परिचित कराया। वे रविवार को विद्यापति भवन में आयोजित स्वामी सहजानंद सरस्वती जयंती समारोह को संबोधित कर रहे थे। कार्यक्रम में पूर्व मंत्री डॉ. अनिल कुमार ने कहा कि स्वामी सहजानंद सरस्वती केवल एक संत या समाज सुधारक नहीं थे, बल्कि वे भारतीय किसान चेतना के वैचारिक स्तंभ थे। हम (से) के मुख्य राष्ट्रीय प्रवक्ता श्याम सुन्दर शरण ने कहा कि स्वामी सहजानंद सरस्वती का विचार लोकतंत्र की उस आत्मा का प्रतिनिधित्व करता है, जहां सत्ता नहीं बल्कि समाज का अंति...
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