हमीरपुर, जुलाई 4 -- भरुआ सुमेरपुर। वर्णिता संस्था ने स्वामी विवेकानन्द की पुण्यतिथि मनाकर श्रद्धांजलि अर्पित की। इस मौके पर संस्था के अध्यक्ष डॉ.भवानीदीन ने स्वामी विवेकानन्द के जीवन-दर्शन पर प्रकाश डालते हुए बताया कि इनका एक जीवन मंत्र था-उठो, जागो और तब तक न रुको जब तक लक्ष्य प्राप्त न हो जाए। स्वामी जी ने पूरे देश का भ्रमण भी किया, वे युवा ह्रदय सम्राट थे। उस समय इन्होंने युवाओं को देश की दासता से अवगत कराते हुये देश की आजादी की लड़ाई के लिए तैयार रहने को कहा। ये अमरीका के विश्व धर्म सम्मेलन में शिकागो में शामिल हुए और भाइयों, बहनों के संबोधन से अपनी वाकपटुता से विश्व में छा गये। यह भी पढ़ें- निर्वाण दिवस पर स्वामी विवेकानंद को दी श्रद्धांजलि इनके गुरू स्वामी रामकृष्ण परमहंस थे। आगे चलकर इनका 4 जुलाई 1902 में निधन हो गया। संस्था ने इसी ...