देहरादून, अगस्त 27 -- देहरादून। अगस्त में मानसून के आते ही भारत में स्वाइन फ्लू (एच1एन1) के मामलों में मौसमी उछाल देखा जा रहा है। हालांकि, राजधानी सीनियर फिजिशियन और कंसल्टेंट डॉ. कुमार जी कौल ने स्पष्ट किया है कि यह किसी नए म्यूटेशन के कारण नहीं है। इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च (आईसीएमआर) ने भी पुष्टि की है कि यह जाना-पहचाना सीजनल स्ट्रेन ही है। डॉ. कौल ने बताया कि मौजूदा फ्लू वैक्सीन इस स्ट्रेन पर पूरी तरह असरदार हैं। यह संक्रमण ज्यादातर हल्का होता है और अपने आप ठीक हो जाता है, लेकिन बुजुर्गों और छोटे बच्चों को विशेष सावधानी बरतनी चाहिए। संक्रमण के 3-5 दिन बाद बुखार, सूखी खांसी, गले में खराश, बदन दर्द और थकान जैसे लक्षण दिखाई देते हैं। यह भी पढ़ें- Katihar News: हाथ मिलाने से बचें, भीड़ से रहें दूर, बिना डॉक्टर की सलाह न लें दवा बच्च...