मैनपुरी, मई 27 -- कृषि विज्ञान केंद्र के सभागार में बुधवार को उर्वरकों का संतुलित उपयोग विषय पर किसान गोष्ठी का आयोजन किया गया। केंद्र के प्रभारी डॉ. प्रणवीर सिंह की अध्यक्षता में हुई गोष्ठी में किसानों को संतुलित मात्रा में खाद का प्रयोग करने की सलाह दी गई। साथ ही मृदा स्वास्थ्य संरक्षण, जैविक खेती तथा संतुलित पोषण प्रबंधन के महत्व के बारे में भी बताया गया। पादप संरक्षण वैज्ञानिक डा. विकाश कुमार ने किसानों को बताया कि लगातार रासायनिक उर्वरकों के अत्यधिक प्रयोग से मिट्टी की उर्वरा शक्ति एवं सूक्ष्म पोषक तत्वों में कमी आती है। जिससे फसलों की गुणवत्ता एवं उत्पादन दोनों प्रभावित होते हैं। किसानों को हरी खाद, गोबर की सड़ी खाद, वर्मी कम्पोस्ट तथा जैव उर्वरकों का अधिक इस्तेमाल करना चाहिए। उन्होंने कहा कि स्वस्थ मिट्टी ही अच्छी फसल उत्पादन की आध...