स्वस्थ्य जीवन का आधार है प्राकृतिक खेती
जौनपुर, अगस्त 22 -- नौपेड़वा, हिन्दुस्तान संवाद। बक्शा कृषि विज्ञान केंद्र पर शुक्रवार को कृषि विभाग की ओर से सब मिशन ऑन एग्रीकल्चर एक्सटेंशन (आत्मा) योजनांतर्गत आरपीएल (रिकॉग्निशन आफ प्रायर लर्निंग) आधारित कृषक प्रशिक्षण कार्यक्रम के दूसरे दिन किसानों को प्राकृतिक खेती की अवधारणा एवं सिद्धांत के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई। डा. रमेश चंद्र यादव ने बताया कि प्राकृतिक खेती से खेत की मिट्टी बीमार नहीं होती, रसायन मुक्त, लागत कम, स्वस्थ उपज, गुणवत्ता युक्त होने के साथ पर्यावरण को भी शुद्ध रखता है। उन्होंने कहा कि स्वस्थ जीवन का आधार प्राकृतिक खेती है। प्राकृतिक खेती के विभिन्न घटकों जैसे वीजामृत, जीवामृत, घन जीवामृत, अच्छादन, वाफसा एवं कीट रोगों आदि से बचाने के लिए निमास्त्र, अग्नेयास्त्र, मठरास्त्र, दशपर्णी अर्क आदि के बारे में विस्तार ...
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