सिमडेगा, मार्च 9 -- ठेठईटांगर, प्रतिनिधि। कोरोमिया महतोटोली में उरांव समुदाय की पारंपरिक स्वशासन प्रणाली पड़हा व्यवस्था तथा पेसा कानून से जुड़े अधिकारों को लेकर एक दिवसीय पारंपरिक स्वशासन पड़हा व्यवस्था चिंतन शिविर का आयोजन किया गया। चिंतन शिविर की अध्यक्षता अमृत चिराग तिर्की ने की। इस चिंतन शिविर में उरांव आदिवासी समुदाय के करीब सात गांवों के लोग, पारंपरिक अगुवा तथा समुदाय के बुद्धिजीवी बड़ी संख्या में शामिल हुए। कार्यक्रम का उद्देश्य पारंपरिक स्वशासन पड़ाह व्यवस्था को सशक्त करना तथा समाज को अपने संवैधानिक और पारंपरिक अधिकारों के प्रति जागरूक करना था। चिंतन शिविर में उरांव समाज की पारंपरिक स्वशासन पड़ाह व्यवस्था, सामाजिक परंपराओं तथा उनसे जुड़े संवैधानिक अधिकारों पर विस्तृत चर्चा की गई। साथ ही पेसा नियमावली 2026 के प्रावधानों, ग्राम सभा ...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.