हजारीबाग, नवम्बर 8 -- हजारीबाग,नगर प्रतिनिधि। शिक्षा संस्कृति उत्थान न्यास के पूर्व अध्यक्ष दीनानाथ बत्रा की प्रथम पुण्यतिथि पर शुक्रवार को आभासी स्मृति व्याख्यान आयोजित की गई। इस आभासी स्मृति व्याख्यान में मुजफ्फरपुर, बिहार के राष्ट्रीय सह संयोजक डॉ राजेश्वर परासर ने कहा कि किसी महापुरुष की पहचान उनके पुण्यतिथि से होती है। उनकी भारतीय शिक्षा में इतिहास का मूल्यांकन का अनुभूति आज हो रहा है। सन् 1978 से विद्या भारती से जुड़े राष्ट्रीय सह संयोजक सह राजकमल सरस्वती विद्या मंदिर, धनबाद के संस्थापक प्राचार्य वासुदेव प्रसाद ने बत्रा के जीवन शैली पर प्रकाश डाला। व्याख्यान में न्यास के महिला कार्य प्रमुख सह विनोबा भावे विश्वविद्यालय के हिंदी विभाग के पूर्व विभागाध्यक्ष डॉ शारदा प्रसाद ने मॉरीशस से इस आभासी व्याख्यान में बत्रा के चार पंक्तियों की अ...
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