मेरठ, नवम्बर 24 -- मेरठ। कनाडा में वर्ष 1983 में स्वर्गवासी हो चुके लेफ्टिनेंट कर्नल को जिंदा दिखाकर सरकारी अधिकारियों-कर्मचारियों ने धोखाधड़ी कर मुआवजा आवेदन दिखाया और रकम भी हड़प ली। इस जमीन का बैनामा 1981 में हो चुका था और तत्कालीन मकान मालिक ने मुआवजे की प्रक्रिया के दौरान आपत्ति पत्र भी दाखिल किया था। बावजूद इसके खेल किया गया। मकान मालिक की ओर से पुलिस-प्रशासनिक अफसरों समेत मुख्यमंत्री पोर्टल पर शिकायत की गई, लेकिन कार्रवाई नहीं हुई। कोर्ट के आदेश पर सिविल लाइन थाने में तत्कालीन एडीएम-एलए, डीलिंग बाबू और लेखपाल समेत बाकी कर्मचारियों के खिलाफ भ्रष्टाचार समेत धोखाधड़ी में मुकदमा दर्ज किया गया है। शिकायतकर्ता वादी एडवोकेट राजा सिंह निवासी बदरीशपुरम कंकरखेड़ा ने स्पेशल जज भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम में प्रार्थना पत्र दिया था। इनकी ओर से म...
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