धनबाद, अप्रैल 27 -- आनंद योगधारा धनबाद की ओर से आयोजित तीन दिवसीय 'अध्यात्म में प्रवेश - स्वयं को जानो' कार्यक्रम के अंतिम दिन रविवार को योग और प्राणायाम का अनूठा संगम देखने को मिला। आईआईटी आईएसएम के पेनमैन हॉल में आयोजित शिविर में बड़ी संख्या में लोगों ने भाग लिया और योग के शुद्ध, पारंपरिक एवं वैज्ञानिक स्वरूप को नजदीक से समझा। कार्यक्रम में बिहार योग विद्यालय विश्व योगपीठ, मुंगेर के परमाचार्य स्वामी निरंजनानंद सरस्वती के सानिध्य में साधकों ने योग की विभिन्न क्रियाओं के महत्व को जाना। स्वामी जी ने योग, प्राणायाम और आत्मचिंतन के माध्यम से जीवन को अनुशासित बनाने का संदेश दिया। यह भी पढ़ें- योग से निरोग रहने का संदेश, एरका में सात दिवसीय शिविर संपन्न अपने संबोधन में स्वामी निरंजनानंद सरस्वती ने कहा कि मन पर विजय ही असली योग है। योग का वास्त...