मोतिहारी, फरवरी 17 -- तुरकौलिया। वर्षों से अपने समायोजन की मांग कर रहे सांख्यिकी स्वयंसेवकों के लिए एक बार फिर उम्मीद की किरण जगी है। वर्ष 2012-13 में बिहार सरकार द्वारा बहाल किए गए सांख्यिकी स्वयंसेवकों की सेवा वर्ष 2016 में निरस्त कर दी गई थी। तब से हजारों स्वयंसेवक अपने भविष्य को लेकर असमंजस की स्थिति में हैं। अब यह मुद्दा पुनः विधानसभा में गूंजा है, जिससे स्वयंसेवकों में नई ऊर्जा और आशा का संचार हुआ है। हरसिद्धि के विधायक सह पूर्व गन्ना उद्योग मंत्री कृष्णनंदन पासवान ने विधानसभा में इस गंभीर विषय को उठाया है। श्री पासवान ने सरकार से स्पष्ट जवाब मांगते हुए कहा कि वर्षों तक सेवा देने वाले सांख्यिकी स्वयंसेवकों के साथ न्याय होना चाहिए। उन्होंने यह भी सवाल किया कि जिन युवाओं ने सरकारी कार्यों में योगदान दिया, उनके भविष्य की सुरक्षा के लिए...
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