स्वतत्रंता आन्दोलन में बांसडीह के सेनानियो ने लड़ी बड़ी लड़ाइयां
बलिया, अगस्त 17 -- बांसडीह,हिन्दुस्तान संवाद। स्वतत्रंता संग्राम की लड़ाई में जिले के बांसडीह तहसील क्षेत्र के सेनानियों का भी अहम योगदान रहा है। 1857, 1930, 1942 के आन्दोलन में क्षेत्र के सेनानियों ने जान न्योछावर करने के साथ ही तहसील, थाना आदि पर कब्जा जमाया था। सेनानियों के बदौलत 17अगस्त 1942 को ही बांसडीह क्षेत्र आजाद हो गया था।महात्मा गांधी जी के असहयोग आन्दोलन में बांसडीह कस्बे के सात सेनानियों रामदहिन ओझा, रामेश्वर शर्मा, निरंजन सिंह, दवन तिवारी, बलभद्र प्रसाद कोइरी, विशुन राम, व शिवकुमार लाल को अंग्रेजी शासन ने पकड़कर जेल में डाल दिया था। प्रशासन ने इन्हें छ: छ: माह की सजा सुनाई। छ: माह बाद सभी लोगों को प्रशासन ने छोड़ दिया। लेकिन रामदहिन ओझा को दुबारा फिर गिरफ्तार कर लिया तथा जेल में ही रखा व गंभीर यातना दिया। जिससे जेल में ही उनकी ...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.