स्वतंत्रतता सेनानियां का गढ़ रहा है भरगामा का गांधीनगर, सिमरबनी, मौजहा
अररिया, अगस्त 14 -- संतोष कुमार/प्रभात भरगामा। हिटीस्वाधीनता आंदोलन में वीर सपूतों ने क्रांति की हनक से भरगामा को राष्ट्रीय फलक पर चर्चित कर दिया था। आलम यह रहा कि स्वाधीनता संग्राम काल में भरगामा की गूंज ब्रिटिश पालिर्यामेंट में गुंजायमान कर दिया था। यहां के वीर बांकुरों की पहचान राष्ट्रीय स्तर के क्रांतिकारियों से रही है। भरगामा के पावन धरती पर आचार्य जेपी कृपलानी, डा राम मनोहर लोहिया, जयप्रकाश नारायण,आदि सरीखे महान क्रातिकारियों के कदम पड़े हैं। भारत के प्रथम राष्ट्रपति डॉ. राजेंद्र प्रसाद का भरगामा से भी गहरा लगाव था। इस लगाव का मुख्य कारण प्रख्यात स्वतंत्रता सेनानी धनुषधारी चौधरी एवं अन्य स्वतंत्रता सेनानी थे। यह भी पढ़ें- आजादी के संघर्ष ने दीवान साहब को बना दिया बुंदेलखंड का गांधी हालांकि श्री चौधरी गांधी जी के भी काफी करीबी रहे। आज...
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