पटना, अगस्त 7 -- प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की ओर से स्वच्छता के मामले में सीतामढ़ी मॉडल की सराहना किए जाने के बाद इसे पूरे बिहार में लागू किया जा सकता है। शुक्रवार को ग्रामीण विकास विभाग के स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण)/लोहिया स्वच्छ बिहार अभियान (एलएसबीए) की ओर से प्लास्टिक अपशिष्ट प्रबंधन पर राज्य स्तरीय परामर्श कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला में तय हुआ कि सीतामढ़ी व सीवान मॉडल को पूरे राज्य के लिए लागू किया जा सकता है। राज्य के कई जिलों में विकसित मॉडलों ने यह सिद्ध किया है कि प्लास्टिक अपशिष्ट का वैज्ञानिक संग्रहण, प्रसंस्करण एवं पुनर्चक्रण न केवल पर्यावरण संरक्षण में सहायक है, बल्कि स्थानीय स्तर पर रोजगार एवं आय सृजन का भी प्रभावी माध्यम बन सकता है। कार्यशाला का प्रमुख आकर्षण सीतामढ़ी मॉडल रहा, जिसकी सराहना प्रधानमंत्री ने की थ...