लखनऊ, मार्च 7 -- ऑब्स्ट्रक्टिव स्लीप एपनिया के करीब 80% मरीज मोटापे से ग्रस्त होते हैं। मोटे लोगों में ये बीमारी होने का खतरा अधिक होता है। जागरूकता की कमी के कारण अधिकांश लोगों में इसका निदान नहीं हो पाता। ये जानकारी लोहिया संस्थान के निदेशक डॉ. सीएम सिंह ने विश्व स्लीप डे पर पल्मोनरी मेडिसिन विभाग की ओर से ऑब्स्ट्रक्टिव स्लीप एपनिया एवं पॉलिसोमनोग्राफी विषयक कार्यशाला में साझा की। नेशनल एकेडमी ऑफ मेडिकल साइंसेज यूपी चैप्टर, इंडियन चेस्ट सोसाइटी यूपी चैप्टर व स्नोरिंग एंड स्लीप रिलेटेड ब्रीदिंग डिसऑर्डर्स सोसाइटी की ओर से आयोजित कार्यक्रम में पद्मश्री डॉ. राजेन्द्र प्रसाद ने कहा कि बीते दो दशक में ये बीमारी काफी तेजी से बढ़ी है। आम लोग अभी भी इससे अनजान हैं। केजीएमयू के डॉ. सूर्यकांत ने कहा कि जोर से खर्राटे आना, दिन में अत्यधिक नींद आना...