एटा, जून 23 -- जिला मुख्यालय को निर्बाध बिजली आपूर्ति देने और शहर को बिजली के खंभों और तारों के मकड़जाल से मुक्ति दिलाकर सुंदर बनाने का सपना फाइलों में ही दफन होकर रह गया है। सरकार एक तरफ जहां उपभोक्ताओं के घरों में स्मार्ट मीटर लगाने पर पूरा जोर दे रही है, वहीं दूसरी तरफ बिजली इंफ्रास्ट्रक्चर पूरी तरह चरमराया हुआ है। शहरवासियों के अनुसार सरकार को स्मार्ट मीटर लगाने से पहले बिजली आपूर्ति व्यवस्था को स्मार्ट बनाना चाहिए। वर्तमान में स्थिति यह है कि हल्की सी आंधी-बारिश आते ही या थोड़ी सी गर्मी बढ़ते ही शहर की बिजली व्यवस्था बुरी तरह चरमरा जाती हैं। इससे शहर के किसी न किसी क्षेत्र में घंटों तक अघोषित बिजली कटौती बनी रहती है और शहरवासियों को बिजली संबंधी अनेकों प्रकार की मुसीबतों का सामना करना पड़ता है।

अंडरग्राउंड बिजली योजना शहर की इस गंभी...