नई दिल्ली, मई 13 -- पुराने मीटरों को बदल कर लगाए जा रहे स्मार्ट मीटरों का दाम उपभोक्ताओं से लिया जाए या नहीं, इस पर 18 मई की बैठक में चर्चा होगी। इस साल के लिए बिजली दरें तय करने से पहले राज्य सलाहकार समिति की बैठक में इसे एजेंडे के तौर पर शामिल किया गया है। केंद्र सरकार ने स्मार्ट मीटर लगाने की योजना को मंजूरी देते हुए आदेश दिए थे कि खर्च उपभोक्ताओं से नहीं लिया जाएगा। हालांकि अब पावर कॉरपोरेशन चाहता है कि यह रकम उपभोक्ताओं से बिजली बिल में जोड़कर ली जाए। अगर केंद्र सरकार का फैसला माना जाता है तो उपभोक्ताओं को बड़ी राहत मिल सकती है। पावर कॉरपोरेशन ने स्मार्ट मीटर योजना के संचालन और उसके रखरखाव के लिए इस साल 3837.54 करोड़ रुपये का खर्च बताते हुए इसे टैरिफ प्रस्ताव में समायोजित करने के लिए नियामक आयोग से मांग की थी। बिजली की दरों पर सुनवाई...
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