लखनऊ, मई 3 -- लखनऊ, विशेष संवाददाता। स्मार्ट प्रीपेड मीटर मामले पर नियामक आयोग की नोटिस के आगे कोई कार्रवाई न होने पर उपभोक्ता परिषद ने सवाल उठाए हैं।
उपभोक्ता परिषद की चिंता उपभोक्ता परिषद ने कहा कि ऊर्जा विभाग, पावर कॉरपोरेशन और विद्युत नियामक आयोग के संज्ञान में पूरा मामला होने के बावजूद अब तक कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया है। इससे यह स्पष्ट है कि प्रशासनिक स्तर पर निर्णयहीनता की स्थिति है। इससे उपभोक्ताओं का हक मारा जा रहा है।
केंद्रीय ऊर्जा मंत्री का बयान उपभोक्ता परिषद के अध्यक्ष और राज्य सलाहकार समिति के सदस्य अवधेश कुमार वर्मा ने कहा कि केंद्रीय ऊर्जा मंत्री मनोहर लाल खट्टर के बयान ने साफ कर दिया है कि प्रीपेड या पोस्टपेड मीटर चुनना उपभोक्ताओं का अधिकार है। केंद्रीय विद्युत प्राधिकरण (सीईए) भी अधिसूचना में यह साफ कर चुका है। बावज...
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