लखनऊ, फरवरी 28 -- बिजली की नई दरें तय करने के लिए नियामक आयोग 9 मार्च से सुनवाई करेगा। सुनवाई में स्मार्ट मीटर का पैसा उपभोक्ताओं से लिए जाने के प्रस्ताव का मुद्दा भी उठेगा। राज्य विद्युत उपभोक्ता परिषद ने इसके विरोध की घोषणा की है। परिषद के मुताबिक केंद्र सरकार ने योजना की मंजूरी देते समय कहा था कि मीटर का पैसा उपभोक्ताओं से नहीं लिया जाएगा। उपभोक्ता परिषद के अध्यक्ष और राज्य सलाहकार समिति के सदस्य अवधेश कुमार वर्मा ने कहा कि केंद्र सरकार ने स्मार्ट प्रीपेड मीटर के लिए 18,885 करोड़ रुपये अनुमोदित किए थे, जबकि पावर कॉरपोरेशन ने 27,342 करोड़ रुपये में टेंडर किए। इस अतिरिक्त रकम का बोझ उपभोक्ताओं पर नहीं डाला जाना चाहिए। पावर कॉरपोरेशन के प्रस्ताव का विरोध करते हुए तथ्यात्मक प्रतिवाद प्रस्तुत किए जाएंगे। इसके अलावा बिना उपभोक्ताओं की सहमति ...