नई दिल्ली, मई 12 -- स्मार्ट मीटरों की गुणवत्ता की जांच के लिए बनी चार सदस्यीय समिति की अंतरिम रिपोर्ट सरकार को भेज दी गई है। रिपोर्ट में मीटर सटीक पाए गए हैं। अब इस रिपोर्ट पर सवाल बिजली कंपनियों के ही उन आंकड़ों के आधार पर खड़े हो रहे हैं, जिसमें उन्होंने स्मार्ट मीटर के बाद रीडिंग में इजाफे की बात स्वीकार की है। इस साल मार्च-अप्रैल में नियामक आयोग ने बिजली की नई दरों पर सुनवाई की थी। सुनवाई के पहले नियामक आयोग ने सभी विद्युत वितरण निगमों से स्मार्ट मीटर लगने के पहले और बाद के आंकड़ों का तुलनात्मक ब्योरा मांगा था। वितरण निगमों ने नियामक आयोग को सौंपी रिपोर्ट में बताया था कि उपभोक्ताओं के यहां स्मार्ट मीटर लगने के बाद उनके यहां की रीडिंग में इजाफा दर्ज किया गया है। हालांकि, बढ़ोतरी के ये आंकड़े सभी वितरण कंपनियों में फर्क थे। यह भी पढ़ें-...