एटा, अप्रैल 4 -- शहरी उपभोक्ताओं के लिए प्रीपेड स्मार्ट मीटर अभिशाप साबित हो रहे है। मोबाइल की तर्ज पर पहले पैसा फिर बिजली को बड़े दावों के साथ लागू किया गया था, लेकिन नीति उपभोक्ताओं के लिए सबसे बड़ी मुसीबत बन गई है। आलम यह है कि ऑनलाइन बिल जमा करने के बाद भी 20 से 30 फीसदी उपभोक्ताओं के घरों की बत्ती दो-दो दिनों तक गुल रह रही है। शनिवार को भी शहर के करीब चार हजार घरों में की बिजली गुल हो गई। इसके बाद भड़के उपभोक्ताओं ने बिजली घरों और अधिकारियों के कार्यालयों निगम और सरकार की इस नीति का जमकर विरोध किया। प्रीपेड स्मार्ट मीटर की सबसे बड़ी खामी यह आ रही है कि उपभोक्ताओं द्वारा मोबाइल ऐप या ऑनलाइन बिल भुगतान करने के बाद भी बिजली तुरंत बहाल नहीं हो रही है। उपभोक्ताओं का कहना है कि बिल भुगतान के बाद भी सर्वर की तकनीकी समस्या के चलते मीटर कमांड ...