लखनऊ, नवम्बर 22 -- लखनऊ, प्रमुख संवाददाता डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर का उपयोग न करने वाले परिषदीय प्राथमिक व उच्च प्राथमिक स्कूलों की जवाबदेही तय की जाएगी। टैबलेट, स्मार्ट क्लास व इनफॉर्मेशन-कम्युनिकेशन टेक्नोलॉजी (आईसीटी) लैब होने के बावजूद इनका उपयोग न करने वाले हर जिले के 10-10 स्कूलों को चिह्नित किया जाएगा। इसके बाद टीमें गठित कर इसका उपयोग सुनिश्चित कराया जाएगा। प्रदेश में अभी 2.61 लाख टैबलेट, 880 ब्लॉक स्तर पर स्कूलों में आईसीटी लैब और 18381 विद्यालयों में स्मार्ट क्लास स्थापित किए जा चुके हैं। वहीं 5817 स्कूलों में आईसीटी लैब, 7409 स्मार्ट क्लास और 570 प्रधानमंत्री स्कूल फॉर राइजिंग इंडिया (पीएम श्री) स्कूलों में डिजिटल लाइब्रेरी बनाई जा रही है। डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर बढ़ाए जाने के बाद भी जिलों से इनके उपयोग न किए जाने की शिकायतें आ रह...
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