मिर्जापुर, मार्च 9 -- हलिया। स्थानीय विकास खंड के औरा परमहंस आश्रम में रविवार को संगीतमय भजन के बाद स्वामी अड़गड़ा नंद के शिष्य तुलसी दास महाराज ने कहा कि तीर्थ करने से एक फल की प्राप्ति होती है। संत पुरुष के मिलने पर चार और यदि सद्गुरु मिल गए तो व्यक्ति को अनन्त लाभ होता है। उन्होंने कहा कि साधना के लिए ध्याता, ध्यान, ध्येय तीन विधि होती है, जिससे भगवान की प्राप्ति भक्तों को होती है। कहा विश्वामित्र श्रीराम और लक्ष्मण को लेकर मिथिला पहुंच गए। धनुष यज्ञ में जिस फूल बगिया में गये वहां प्राणों से ज्यादा प्रेम करने वाली भक्त सीता को दर्शन देना था। सच्चे मन से भगवान को स्मरण करने वाले के पास स्वयं भगवान आकर दर्शन देते है। फूल तोड़ने के लिए तो जनकपुर में अनेक बगियां थीं, लेकिन महिला बगिया में ही राम प्रवेश किए। मनुष्य को सुबह शाम गुरु के स्वरू...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.