नई दिल्ली, अक्टूबर 29 -- लखनऊ, विधि संवाददाता। हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच ने एक अहम निर्णय में कहा है कि उत्तर प्रदेश स्पोर्ट्स कॉलेजेज सोसाइटी के अधीन संचालित स्पोर्ट्स कॉलेजों के शिक्षक उत्तर प्रदेश लोक सेवा अधिकरण अधिनियम, 1976 के तहत लोक सेवक नहीं हैं लिहाजा वे वेतन निर्धारण और पेंशन से जुड़े विवादों को लेकर राज्य लोक सेवा अधिकरण में दावा दाखिल नहीं कर सकते। न्यायमूर्ति आलोक माथुर और न्यायमूर्ति अमिताभ कुमार राय की खंडपीठ ने गुरु गोविंद सिंह स्पोर्ट्स कॉलेज,लखनऊ के प्रधानाचार्य की ओर से दाखिल याचिका स्वीकार करते हुए राज्य लोक सेवा अधिकरण का 4 सितंबर 2025 का आदेश रद्द कर दिया। अदालत ने संबंधित शिक्षक हरवीर सिंह की क्लेम पिटीशन की कार्यवाही भी निरस्त कर दी। हरवीर सिंह की नियुक्ति वर्ष 1994 में सहायक शिक्षक (फुटबॉल) के पद पर हुई थी। यह भी पढ़े...