पूर्णिया, मार्च 17 -- पूर्णिया, धीरज। स्पेशल बच्चों के लिए पूर्णिया जिला राज्य में रोल मॉडल बन गया है। पूर्णिया में तीन कस्तूरबा विद्यालयों की 75 मूक-बधिर छात्राओं की जिंदगी बदल गयी है। स्पेशल एजुकेटर ढूंढकर बच्चियों को साइन लैग्वेंज के साथ उनके पाठ्यपुस्तकों की तालीम दी गयी है। आठवीं तक की पढ़ाई के बाद अब मैट्रिक और इंटर की तैयारी को लेकर भी शिक्षा विभाग का प्रयास जारी है। इसके लिए इंडियन साइन लैंग्वेज रिसर्च ट्रेंनिंग सेंटर दिल्ली की टीम अगले माह पूर्णिया भी आने वाली है। खास बात यह है कि विभाग के इस सराहनीय पहल को लेकर यूनिसेफ की ओर से डाक्युमेंट्री भी तैयार की गयी है। पूर्णिया के डीपीओ समग्र शिक्षा कौशल कुमार ने 'आपके अपने अखबार हिन्दुस्तान' को बताया कि शिक्षा के अधिकार के तहत पूर्णिया जिला की मूक-बधिर बच्चियां भी अब अन्य बच्चियों की त...