नई दिल्ली, अप्रैल 16 -- स्पाइसजेट और उसके प्रवर्तक अजय सिंह को 144 करोड़ रुपये जमा करने के आदेश की समीक्षा की मांग पर दिल्ली हाईकोर्ट ने गुरुवार को फैसला सुरक्षित रख लिया। यह मामला मीडिया कारोबारी कलानिधि मारन और केएल एयरवेज के साथ लंबे समय से चल रहे विवाद से जुड़ा है। न्यायमूर्ति सुब्रमण्यम प्रसाद ने दोनों पक्षों की विस्तृत दलीलें सुनने के बाद आदेश सुरक्षित रखा। इससे पहले 19 जनवरी को कोर्ट ने 194 करोड़ रुपये की स्वीकार देनदारी के बदले छह हफ्ते में 144 करोड़ रुपये अदालत में जमा करने का निर्देश दिया था, जिसे 18 मार्च को चार हफ्ते के लिए बढ़ा दिया गया था। यह भी पढ़ें- दिल्ली एयरपोर्ट पर दो विमान आपस में टकराए, बड़ा हादसा होते-होते टला स्पाइसजेट की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता ने दलील दी कि कंपनी फिलहाल वित्तीय दबाव में है, जिसका एक कारण पश्चिम एशि...
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