जमशेदपुर, अगस्त 20 -- केंद्र सरकार के नशामुक्त भारत अभियान के तहत अब स्नातक और स्नातकोत्तर स्तर पर सभी संकायों व विषयों में नशीली दवाओं के दुरुपयोग की रोकथाम और प्रबंधन से संबंधित नया पाठ्यक्रम शामिल किया जाएगा। यूजीसी की ओर से जारी सूचना के अनुसार, शिक्षा मंत्रालय की अनुशंसा पर सब्सटेंस एब्यूज : प्रिवेंशन एंड मैनेजमेंट विषय पर मॉडल पाठ्यक्रम का प्रारूप तैयार किया गया है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) 2020 के उद्देश्यों के अनुरूप तैयार इस पाठ्यक्रम का मुख्य लक्ष्य विद्यार्थियों में मादक पदार्थों के दुष्प्रभाव के प्रति जागरूकता बढ़ाना, समय रहते इसकी पहचान करना, प्रबंधन और सामुदायिक सहभागिता को बढ़ावा देना है। यह भी पढ़ें- कोल्हान विश्वविद्यालय: यूजी नामांकन की प्रक्रिया 22 अगस्त तक इसके साथ ही यह पाठ्यक्रम युवाओं में स्वस्थ जीवनशैली, मानसि...