पूर्णिया, अगस्त 19 -- पूर्णिया, हिन्दुस्तान संवाददाता। स्नातक और बीएड के सैकड़ों छात्र-छात्राओं का शैक्षणिक डेटा अब तक डिजीलॉकर पर पूर्णिया विश्वविद्यालय के द्वारा अपलोड नहीं किया गया है। परीक्षा परिणाम घोषित होने और छात्रों को मूल अंकपत्र मिले वर्षों बीत चुके हैं, लेकिन डिजिटल रिकॉर्ड उपलब्ध न होने से छात्रों का भविष्य अधर में लटक गया है। छात्रों का कहना है कि बिहार सरकार के उच्च शिक्षा विभाग पटना बिहार के द्वारा यदि डिजी लॉकर का पोर्टल खोला जायेगा तब ही विश्वविद्यालय के द्वारा शेष छात्र-छात्राओं का डाटा डिजी लॉकर पर अपलोड हो सकता है। वर्तमान समय में स्नातक सत्र 2018-21 और बीएड सत्र 2022-24 के छात्र-छात्राएं जब नौकरी या अन्य विश्वविद्यालयों में नामांकन के लिए आवेदन कर रहे हैं, तो डिजीलॉकर पर उनका डेटा नो रिकॉर्ड फाउंड दिखाया जा रहा है, ज...