धनबाद, जून 1 -- सीटू के 56वें स्थापना दिवस पर वर्तमान परिस्थिति और मजदूर आंदोलन में सीटू की भूमिका विषय पर रविवार को रिक्रेशन क्लब कोयला नगर में सेमिनार का आयोजन किया गया। सेमिनार को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने कहा कि केंद्र की मोदी सरकार ने मजदूरों को गुलाम बनाने वाले चार लेबर कोड लाकर कॉरपोरेट और मालिक के सामने मजदूरों को बेसहारा लाकर खड़ा कर दिया। सीटू अपने स्थापना काल से ही मजदूर वर्ग के हितों के लिए एकता और संघर्ष के नारों को लेकर आगे बढ़ रही है। सीटू न सिर्फ देश के अंदर बल्कि अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर साम्राज्यवादी शक्तियों के विरोध में खड़ा है। यह भी पढ़ें- ईडी की छापेमारी के विरोध में किया प्रदर्शन आरोप लगाया गया कि मोदी सरकार की जनविरोधी नीतियों के खिलाफ लड़ने वाले लोगों को जांच एजेंसियों के माध्यम से डराया जा रहा है। केरलम के पूर्व...