नई दिल्ली, मार्च 24 -- नई दिल्ली, विशेष संवाददाता। सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को महत्वपूर्ण फैसला देते हुए कहा कि भारतीय सेना, नौसेना और वायुसेना की शॉर्ट सर्विस कमीशन (एसएससी) प्राप्त वे सभी महिला अधिकारी पूर्ण पेंशन लाभ पाने की हकदार है जो मनमाने मूल्यांकन के चलते स्थायी कमीशन से वंचित रह गई थी। शीर्ष अदालत ने अपने फैसले में सेनाओं में एसएससी प्राप्त महिला अधिकारियों के मूल्यांकन में मौजूद व्यवस्थागत असमानता पर चिंता जाहिर की। शीर्ष अदालत ने कहा कि पेंशन 20 साल की मानी गई सेवा के आधार पर तय की जाएगी, जो 1 नवंबर, 2025 से प्रभावी होगी। मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत, न्यायमूर्ति उज्जल भुइयां और एन कोटिश्वर सिंह की पीठ ने फैसला देते हुए कहा कि इन महिला सैन्य अधिकारियों के संबंध में पेंशन के लिए आवश्यक न्यूनतम 20 वर्ष की अर्हता सेवा पूरी कर ली गई ...