वाराणसी, मार्च 10 -- सारनाथ। केंद्रीय उच्च तिब्बती शिक्षा संस्थान के कुलपति प्रो. वांगचुक दोर्जे नेगी ने कहा कि स्त्री के बिना बुद्धत्व की प्राप्ति संभव नहीं है। यह बात उन्होंने मंगलवार को केंद्रीय उच्च तिब्बती शिक्षा संस्थान के अतिशा सभागार में अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के उपलक्ष्य में आयोजित सभा में कहीं। उन्होंने कहा कि स्त्री के सशक्तिकरण का सबसे प्रभावी माध्यम शिक्षा है। इसलिए महिलाओं को शिक्षित बनाना अत्यंत आवश्यक है। संस्थान की कुलसचिव डॉ. सुनीता चंद्रा ने कहा कि महिलाओं के अधिकार केवल कागजों तक सीमित न रहकर व्यवहारिक जीवन में भी लागू होने चाहिए। प्रो. मंजू द्विवेदी ने कहा कि भारतीय परंपरा में नारी को नर से नारायणी तक का सम्मान प्राप्त है। परिवार, राष्ट्र व समाज के वास्तविक विकास के लिए अधिकारों के साथ कर्तव्यों का बोध होना भी आवश्...