लखनऊ, मार्च 20 -- स्तन कैंसर की पहचान के लिए नियमित स्क्रीनिंग जरूरी हैं। महिलाएं खुद से स्क्रीनिंग कर बीमारी की आशंका को समय पर भांप सकती है। समय पर लक्षणों के आधार पर डॉक्टर की सलाह और इलाज से बीमारी पर काबू पाया जा सकता है। यह सलाह इंदिरानगर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के अधीक्षक डॉ. मयंक जलोटे ने दी। शुक्रवार को कल्याण सिंह कैंसर संस्थान के पब्लिक हेल्थ विभाग की ओर से इंदिरानगर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) में स्तन कैंसर स्क्रीनिंग एवं कैंसर जागरूकता कार्यक्रम हुआ। सीएचसी के अधीक्षक डॉ. मयंक जलोटे ने कहा कि स्तन या बगल में गांठ होना पर महिलाओं को सर्तक हो जाना चाहिए। स्तन के आकार या बनावट में बदलाव, निप्पल से रक्त या असामान्य स्राव, त्वचा में गड्ढे, लालिमा या सिकुड़न जैसे लक्षण नजर आने पर डॉक्टर की सलाह लेनी चाहिए। बिना दर्द वाल...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.