गाज़ियाबाद, सितम्बर 22 -- गाजियाबाद, प्रदीप वर्मा। जिले में नवजात शिशुओं के स्तनपान में सुधार हुआ है। लेकिन छह महीने के बाद पोषण ना मिलने से चिंताएं बरकरार हैं। जन्म के एक घंटे में स्तनपान कराने के प्रति माताओं में जागरूकता में 20 प्रतिशत का उछाल आया है। हालांकि पांच वर्ष की उम्र तक बच्चों में कुपोषण की अन्य समस्याएं उभर रही हैं। राष्ट्रीय स्तर पर जारी स्वास्थ्य एवं पोषण संबंधी गाजियाबाद के ताजा आंकड़ों में साफ है कि तीन वर्ष से कम उम्र के बच्चों में जन्म के पहले घंटे के भीतर स्तनपान (कोलोस्ट्रम यानी मां का पहला गाढ़ा पीला दूध) कराने की दर में बड़ा सुधार हुआ है। यह आंकड़ा अब 38.2 प्रतिशत तक पहुंच गया है। पांच साल पहले हुए सर्वेक्षण में यह आंकड़ा 18.4 प्रतिशत था। आईएमए की गाजियाबाद अध्यक्ष और स्त्री रोग विशेषज्ञ डा. अल्पना कंसल का कहना है ...