नई दिल्ली, मार्च 11 -- बॉम्बे हाईकोर्ट ने एक व्यक्ति को अपनी एक साल की बेटी की कस्टडी अपनी अलग रह रही पत्नी को सौंपने का आदेश दिया है, यह देखते हुए कि बच्ची का सबसे अच्छा हित उसकी मां के साथ ही है क्योंकि वह अभी भी स्तनपान कर रही है। न्यायमूर्ति एस. वी. कोटवाल और संदेश पाटिल की पीठ ने हाल ही में पारित आदेश में कहा कि महिला को मारपीट के बाद अपना ससुराल छोड़ने के लिए मजबूर होना पड़ा और चूंकि उसकी भाभी उसकी बेटी को छीन ले गई थी, इसलिए वह बच्ची को अपने साथ नहीं ले जा सकी। पीठ ने कहा कि बच्चा स्तनपान के लिए कुछ हद तक मां पर निर्भर है। यह एक जरूरी बात है।यह आदेश बेटी की हिरासत की मांग कर रही महिला द्वारा दायर बंदी प्रत्यक्षीकरण (व्यक्ति को पेश करो) याचिका पर पारित किया गया। महिला ने अपनी याचिका में कहा कि पिछले महीने पति और ननद द्वारा शारीरिक र...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.