नई दिल्ली, अप्रैल 23 -- ईरान और अमेरिका के बीच चल रहा तनाव एक बेहद नाजुक मोड़ पर पहुंच गया है। एक तरफ शांति वार्ताओं की कोशिशें जारी हैं, वहीं दूसरी तरफ स्ट्रेट ऑफ होर्मुज (Strait of Hormuz) में सैन्य टकराव तेज हो गया है। ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान ने अमेरिका पर पाखंड और वादाखिलाफी का आरोप लगाते हुए वार्ता में विफलता के लिए तीन प्रमुख कारणों नाकाबंदी, धमकियां और प्रतिबद्धताओं के उल्लंघन को जिम्मेदार ठहराया है। स्थित तब और बिगड़ गई जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा अनिश्चितकालीन सीजफायर की घोषणा के बीच ही ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने तीन जहाजों पर हमला कर उन्हें कब्जे में ले लिया। यह कार्रवाई अमेरिका द्वारा क्षेत्र में एक ईरानी जहाज को जब्त किए जाने के विरोध में की गई मानी जा रही है। ताजा रिपोर्टों क...
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