स्टेशनरी दुकान चलाकर गोपाल प्रसाद ने अपने बेटे को बना दिया डॉक्टर
सिमडेगा, जून 20 -- सिमडेगा, जिला प्रतिनिधि। कंधो पर बोझ लिए, चेहरे पर मुस्कान पिता है वो जो दिखाता है आसमान। किसी कवि के द्वारा लिखे गए इस पंक्ति को चरितार्थ करते है लचरागढ़ गांव निवासी गोपाल प्रसाद साहू। तीन दशक पहले गांव में एक छोटी सी स्टेशनरी दुकान चलाकर गोपाल प्रसाद साहू ने अपने सात बेटे बेटियों का लालन पोषण किया और अपने एक बेटे को डॉक्टर भी बनाया जो आज जिले का एक प्रसिद्ध चिकित्सक के रुप में लोगों को अपनी सेवा दे रहा है। राज अस्पताल में गोपाल प्रसाद के पांचवे नम्बर के पुत्र डॉ भानू प्रताप साहू अपने पिता के संघर्ष के दम पर आज उस मुकाम पर है जिस मुकाम पर हर पिता अपने बच्चों को देखना चाहता है। गोपाल प्रसाद साहू की पांच बेटी और दो बेटे है। अपनी स्टेशनरी दुकान से गोपाल प्रसाद अपने पूरे परिवार का भरण पोषण करते हुए सभी को शिक्षा भी देने का...
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