उन्नाव, मार्च 13 -- उन्नाव। कोरोना काल के दौरान मरीजों को अंधाधुंध स्टेरायड युक्त दवाएं दी गईं। इन दवाओं के दुष्परिणाम अब नजर आने लगे हैं। इन दवाओं का सेवन करने वाले मरीजों में ग्लूकोमा जैसी गंभीर बीमारी तेजी से पैर पसार रही है। यही कारण है कि बीते कुछ सालों में ग्लूकोमा के मरीज तेजी से बढ़े हैं। लोगों को ग्लूकोमा के प्रति जागरुक करने के लिए आठ से 14 मार्च तक ग्लूकोमा सप्ताह मनाया जाता है। स्वस्थ्य आंख तरल से भरी रहती है, जो उसका सही आकार बनाए रखने में मदद करती है। तरल पदार्थ के चलते आंख का इंट्राकुलर प्रेशर 17.6 होता है। हालांकि ग्लूकोमा से पीड़ित मरीजों में आंख में तरल की मात्रा बढ़ जाती है। इससे आंख का इंट्राकुलर प्रेशर बढ़ जाता है। जिससे आंख के अंदरूनी हिस्से पर दबाव बढ़ जाता है। जो दृष्टि को धीरे-धीरे कमजोर कर देता है। कई बार मरीज को बीमा...