नई दिल्ली, मार्च 25 -- नई दिल्ली, विशेष संवाददाता। राज्यसभा की याचिका समिति ने कार्डियक स्टेंट की भांति अन्य चिकित्सा उपकरणों को भी मूल्य नियंत्रण के दायरे में लाने की सिफारिश की है। लेकिन, इस बात पर चिंता जाहिर की है कि स्टेंट की कीमतों में 85 फीसदी कमी किए जाने के बावजूद प्रक्रियागत शुल्क नियंत्रित नहीं हैं। इस कारण मरीजों को ऊंची कीमतें चुकानी पड़ रही हैं। समिति ने प्रक्रियागत शुल्कों को भी विनियमित करने पर जोर दिया है। वसंत कुंज निवासी सुलग्ना चट्टोपाध्याय की याचिका पर बनी नारायणदास गुप्ता की अध्यक्षता वाली समिति की रिपोर्ट बुधवार को राज्यसभा में पेश की गई। इस रिपोर्ट में समिति ने कहा कि कई और चिकित्सा उपकरणों के मूल्य भी विनियमित किए जाने की जरूरत है। कृत्रिम ह्रदय वाल्ब, पेसमेकर, न्यूरोज सर्जिकल प्रत्यारोपण, उन्नत स्टेंट, समूह सी एव...