बिजनौर, मार्च 11 -- बिजनौर। मंगलवार की सुबह जब बिजनौर मेडिकल कॉलेज के गलियारे में एक वयोवृद्ध व्यक्ति लड़खड़ाते कदमों और हाथ में थामी टिकटिकी (स्टिक) के सहारे दाखिल हुए, तो लगा शायद कोई मरीज उपचार की गुहार लेकर आया होगा। लेकिन जब 90 वर्षीय देवेन्द्र पाल सिंह बिश्नोई ने अपना मंतव्य स्पष्ट किया, तो वहां मौजूद हर शख्स की आंखें सम्मान से भर गईं। नई बस्ती, बिजनौर निवासी देवेन्द्र पाल सिंह बिश्नोई ने अपनी देह को चिकित्सा विज्ञान के नाम समर्पित करने का फैसला लिया है। उन्होंने भावुक होकर कहा, 'जीवन का लंबा सफर तय कर लिया है, अब चाहता हूं कि मृत्यु के बाद मेरा शरीर किसी के काम आए और मेडिकल छात्र इससे सीखकर दूसरों का जीवन बचा सकें।' प्रिंसिपल डॉ. तुहिन वशिष्ठ ने उनके इस महान निर्णय का स्वागत करते हुए उनके जज्बे को नमन किया। उन्होंने बुजुर्ग की सहू...
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